Tuesday, 22 October 2019, 11:05 PM

धर्म एवं ज्योतिष

क्या है शुद्ध अहिंसा! 

Updated on 6 October, 2019, 6:15
गांधी जी ने अपने जीवन में अहिंसा के विविध प्रयोग किए। वे एक वैज्ञानिक थे। उनका जीवन प्रयोगशाला था। उनका प्रारंभिक और अंतिम साहित्य देखने से यह तथ्य भलीभांति स्पष्ट हो जाता है। बड़े जीव की सुरक्षा के लिए छोटे जीव को मारने में वे पाप बताते थे। खती को... Read More

नवरात्रि पर्व का आठवां दिवस- महागौरी 

Updated on 6 October, 2019, 6:00
श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बारधरा शुचि:।  महागौरी शुभं दद्यान्हादेवप्रमोददा।।  माँ दुर्गा जी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। इनका वर्णपूर्णत: गौर है। इस गौरता की उपमा शखं, चन्द्र और कुन्दके फूल से दी गयी है। इनकी आयु आठ वर्षकी मानी गयी है-‘अष्टवर्षा भवेद् गौरी’ इनके समस्त वस्त्र एवं आभूषण आदि भी श्वेत... Read More

अलौकिक है सकराय का सिद्ध शक्ति पीठ

Updated on 5 October, 2019, 6:30
राजस्थान शक्ति व भक्ति की साधना स्थली रहा हैं। यही कारण है कि मातृ शक्ति के पुजारी यहां के शैलखण्डो पर असुरनासिनी मां दुर्गा व भगवती के मन्दिर शंख नगाड़ो से गुंजायमान करते हैं। राजस्थान में देवियों के नामों का आधार प्राय: अवतार हैं, लेकिन ख्याति प्राप्त सिद्ध शक्ति पीठ... Read More

नवरात्रि पर्व का सातवां दिवस-कालरात्रि

Updated on 5 October, 2019, 6:15
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।  लम्बोष्ठ कर्णिकाकर्णी तैलाभ्याक्तशरीरिणी।।  वामपदाल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।  वर्धनमूर्धध्वजा कृष्ण कालिरात्रिर्भयकंरी।।  माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। इनके शरीर का रंग घने अन्धकार की तरह एकदम काला हैं। सिर के बाल बिखरे हुए हैं। गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला हैं। इनके तीन नेत्र हैं। ये... Read More

गुरु तत्व का सम्मान 

Updated on 5 October, 2019, 6:00
जब भी तुमने बदले में किसी आशा के बिना किसी के किए कुछ भी किया हो, किसी को कोई सलाह दी हो, लोगों का मार्गदशर्न किया हो, उन्हें प्रेम दिया हो और उनकी देख-भाल की हो, तब तुमने गुरु की भूमिका निभाई है। गुरु  तत्व सम्मान करने की और विश्वास... Read More

नवरात्रि पर्व का छठवां दिवस- कात्यायनी

Updated on 4 October, 2019, 6:30
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।  कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।  माँ दुर्गा के छठवें स्वरूप का नाम कात्यायनी है। इनका कात्यायनी नाम पड़ने की कथा इस प्रकार है- कत नामक एक प्रसिद्ध महर्षि थे। उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए। इन्हीं कात्य के गोत्र में विश्व प्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे। इन्होंने भगवती पराम्बा की उपासना... Read More

हे ! माँ दुर्गा

Updated on 4 October, 2019, 6:15
सत्य का आधार माँ तू , ज्ञान का है सार माँ तू। तू तो सबको तारिती है, है सकल संसार माँ तू। हर बुराई पर तू भारी, कर्म का अभिसार माँ तू। हम भले बेटे हों मूरख, पर सदा है प्यार माँ तू। हैवानियत जब भी है बढ़ती, दानवों पर मार माँ तू। राह में फूलों की रचना, नित हटाती खार... Read More

जीवन में विचार की आवश्यकता

Updated on 4 October, 2019, 6:00
कुटिल एवं असत्य विचार से मुक्ति का सरल उपाय सुविचार की भावना दृढ़ करना है। शांतिदायक सुविचार की गंगा प्रवाहित करने पर ही हम मानसिक दुर्बलता से मुक्त हो सकते हैं। प्रत्येक विचार अंत:करण में एक मानसिक मार्ग का निर्माण करता है। हमारी समस्त आदतें ऐसे ही मानसिक मार्ग हैं,... Read More

आज नवरात्र का 5वां दिन, स्‍कंदमाता पूजा विधि और व्रत का लाभ जानें

Updated on 3 October, 2019, 12:04
3 अक्टूबर, आज मां दुर्गा की उपासना के पर्व नवरात्र का पांचवां दिन है और इस दिन स्‍कंदमाता की पूजा, आराधना का विधान है। स्‍कंदमाता ममता की मूर्ति प्रेम और वात्‍सल्‍य की प्रतीक साक्षात दुर्गा का स्‍वरूप हैं। मां के 5वें स्‍वरूप को यह नाम भगवान कार्तिकेय से मिला है।... Read More

विजेता बनना है तो धारण करें वैजयंती माला 

Updated on 3 October, 2019, 7:00
धर्म में सफल होने के लिए पूजा पाठ और हवन के साथ ही कई अन्य उपाय भी है। धर्म शास्त्रों के अनुसार  वैजयंती माला- एक ऐसी माला जो सभी कार्यों में विजय दिला सकती है। इसका प्रयोग भगवान श्री कृष्ण माता दुर्गा, काली और दूसरे कई देवता करते थे। रत्न के... Read More

नवरात्रि में इसलिए खाते हैं ये फलाहार  

Updated on 3 October, 2019, 6:45
नवरात्रि में देवी की उपासना के साथ ही नौ दिनों के उपवास होते हैं इन दिनों फलाहार ही होता है। इन दिनों घर में सादे नमक की जगह सेंधा नमक और गेहूं के आटे की जगह  बल्कि सिर्फ कूटू का आटा या सिंघाड़े का आटा खाया जाता है। इसके पीछे... Read More

विजदशमी पर होती है शस्त्रों की पूजा  

Updated on 3 October, 2019, 6:30
शारदीय नवरात्रि के दशवें दिन यानी आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरे का पर्व मनाया मनाया जाता है। इस बार दशहरा या विजयादशमी का पर्व मंगलवार 08 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, दशहरे के दिन ही भगवान राम ने लंका नरेश रावण का वध... Read More

शिवतांडव स्तोत्र से मिलती है सिद्धि  

Updated on 3 October, 2019, 6:15
शिवतांडव स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करने से व्‍यक्ति को जिस किसी भी सिद्धि की महत्वकांक्षा होती है, भगवान शिव की कृपा से वह आसानी से पूर्ण हो जाती है। इस बारे में एक कथा से जाना जा सकता है। कुबेर व रावण दोनों ऋषि विश्रवा की संतान थे और दोनों... Read More

भगवत गीता में छिपे हैं सभी सवालों के जवाब  

Updated on 3 October, 2019, 6:00
महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से जो बातें कहीं थीं उनका महत्‍व आज भी है। भगवत गीता के उपदेश आज भी मनुष्‍य जाति के लिए उतने ही प्रासंगि‍क हैं जितने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन के लिए थे। ऐसा माना जाता है कि इस दुनिया के सभी सवालों के जवाब... Read More

नवरात्रि पर्व का चौथा दिवस- कुष्माण्डा 

Updated on 2 October, 2019, 6:15
सुरासम्पूर्णकलशं रूधिराप्लुतमेव च।  दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे।।  माँ दुर्गा जी के चौथे स्वरूप का नाम कुष्माण्डा है। अपनी मन्द, हल्की हँसी द्वारा अण्ड अर्थात् ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कुष्माण्डा देवी के नाम से अभिहित किया गया है। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, चारों ओर अन्धकार ही अन्धकार... Read More

उत्सव है बुद्धत्व 

Updated on 2 October, 2019, 6:00
बुद्धत्व मौलिक रूप से प्रांति है, विद्रोह है, बगावत है। काशी के पंडितों की सभा प्रमाणपत्र थोड़े ही देगी बुद्ध को! बुद्धपुरुष तुम्हें पोप की पदवियों पर नहीं मिलेंगे और न शंकराचायरें की पदवियों पर मिलेंगे। क्योंकि ये तो परंपराएं हैं। और परंपरा में जो आदमी सफल होता है, वह... Read More

नवरात्रि का तीसरा दिन- चन्द्रघण्टा  

Updated on 1 October, 2019, 6:15
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्राकैर्युता।  प्रसादं तने महां चन्द्रघण्टेति विश्रुता।।  माँ दुर्गा जी की तीसरी शक्ति का नाम ‘चन्द्रघण्टा’ है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधना किया जाता है। इनका यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घण्टे के आकार का अर्धचन्द्र हैं, इसी कारण से इन्हें चन्द्रघण्टा... Read More

कृष्ण हैं परम पुरुष  

Updated on 1 October, 2019, 6:00
जीव तथा भगवान की स्वाभाविक स्थिति के विषय में अनेक दार्शनिक ऊहापोह में रहते हैं। जो भगवान कृष्ण को परम पुरुष के रूप में जानता है, वह सारी वस्तुओं का ज्ञाता है। अपूर्ण ज्ञाता परम सत्य के विषय में केवल चिन्तन करता जाता है, जबकि पूर्ण ज्ञाता समय का अपव्यय... Read More

 दूसरा दिन- ब्रह्मचारिणी

Updated on 30 September, 2019, 6:45
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डल।  देवी प्रसीदतु कयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।  माँ दुर्गा की नव शक्तियें का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहाँ ‘ब्रह्म’ शब्द का अर्थ तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात तपकी चारिणी-तप का आचरण करने वाली कहा भी है- वेदस्यतत्त्वंतपो ब्रह्म-वेद, तत्त्व और तप ‘ब्रह्म’ शब्द के अर्थ हैं। ब्रह्मचारिणी देवी का स्वरूप पूर्ण ज्योतिर्मय एवं... Read More

आसुरी शक्ति पर दैवीय शक्ति की विजय का पर्व

Updated on 30 September, 2019, 6:30
देवी दुर्गा की दया,से रोशन संसार । जिनसे मिलता है हमें,रक्षा का उपहार ।।" दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा की बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है। दुर्गा पूजा भारतीय राज्यों असम, बिहार, झारखण्ड, मणिपुर, ओडिशा, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में व्यापक... Read More

गुरव शिव पुजारी ! 

Updated on 30 September, 2019, 6:15
शिव की सेवा पूजा कर अपना जीवन यापन करने वाला गुरव पुजारी कहलाया है, शैवधर्म का पालन करने वाला गुरव कहलाया है । नित सर्व प्रथम शिव का स्मरण करना ओर शिव को ही भजना, जपना ओर शिव को ही अपना सर्व जीवन समर्पित करना यह गुरव कर्म है। यही... Read More

दिव्यता की विविधता  

Updated on 30 September, 2019, 6:00
ईश्वर ने दुनिया की छोटी-छोटी खुशियां तो तुम्हें दे दी हैं, लेकिन सच्चा आनन्द अपने पास रख लिया है। उस परम आनन्द को पाने के लिए तुम्हें उनके ही पास जाना होगा। ईश्वर को पाने की चेष्टा में निष्कपट रहो। एक बार परम आनन्द मिल जाने पर सब-कुछ आनन्दमय है।... Read More

आज से शारदीय नवरात्र प्रारंभ, पढ़ें कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त

Updated on 29 September, 2019, 9:10
नई दिल्लीः मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र की शुरुआत आज से हो चुकी है. इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी. भक्तों की आस्था है कि बार किसी तिथि की हानि नहीं है. लिहाजा नवरात्र 9 दिन के होंगे. 29 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग,... Read More

नवरात्री पर्व का प्रथम दिन-शैलपुत्री  

Updated on 29 September, 2019, 6:15
वन्दे वाञ्छितलाभय चन्द्रार्धकृत शेखराम् ।  वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम् ।।  मां दुर्गा अपने पहले स्वरूप में ‘शैलपुत्री’ के नाम से जानी जाती है। पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका यह ‘शैलपुत्री’ नाम पड़ा था। वृषभ-स्थिता इन माताजी के दाहिने हाथ में त्रिशुल और बाये हाथ... Read More

 गुरु की स्वीकार्यता  

Updated on 29 September, 2019, 6:00
हर वक्त संसार को गुरु की दृष्टि से देखो। तब यह संसार मलिन नहीं बल्कि प्रेम, आनन्द, सहयोगिता, दया आदि गुणों से परिपूर्ण, अधिक उत्सवपूर्ण लगेगा। तुम्हें किसी के साथ संबंध बनाने में भय नहीं होगा क्योंकि तुम्हारे पास आश्रय है। घर के अन्दर से तुम बाहर के वज्रपात, आंधी,... Read More

इस नवरात्रि बन रहा है दुर्लभ संयोग, पूजा का मिलेगा कई गुना फल

Updated on 28 September, 2019, 15:06
 नई दिल्ली ,Shardiya Navratri 2019- श्राद्ध या पितृ पक्ष के खत्म होते ही 29 सितंबर, रविवार से शारदीय नवरात्र आरंभ हो रहे हैं। हिंदू धर्म में नवरात्र का बहुत बड़ा महत्व  बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता कैलाश पर्वत से धरती पर अपने मायके आती हैं।... Read More

सतोगुण और तमोगुण का फर्क 

Updated on 28 September, 2019, 6:15
सतोगुण में ज्ञान के विकास से मनुष्य यह जान सकता है कि कौन क्या है, लेकिन तमोगुण तो इसके सर्वधा विपरीत होता है. जो भी तमोगुण के फेर में पड़ता है, वह पागल हो जाता है और पागल पुरुष यह नहीं समझ पाता कि कौन क्या है! वह प्रगति करने... Read More

पितरों का आशीर्वाद बेशक़ीमती होता है

Updated on 28 September, 2019, 6:00
"पितर हमारे पूज्य नित,नित्य रहें वे याद । उनके ही आशीष से,हैं हम सब आबाद ।।" "पूर्वज पूजा" की प्रथा विश्व के अन्य देशों की भाँति बहुत प्राचीन है। यह प्रथा यहाँ वैदिक काल से प्रचलित रही है। विभिन्न देवी देवताओं को संबोधित वैदिक ऋचाओं में से अनेक पितरों तथा मृत्यु की... Read More

 प्रयत्न में ऊब नहीं 

Updated on 27 September, 2019, 6:00
संसार में गति के जो नियम हैं, परमात्मा में गति के ठीक उनसे उलटे नियम काम आते हैं और यहीं बड़ी मुश्किल हो जाती है। संसार में ऊबना बाद में आता है, प्रयत्न में ऊब नहीं आती। इसलिए संसार में लोग गति करते चले जाते हैं। पर परमात्मा में प्रयत्न... Read More

अश्विन माह ओर उसका महत्व 

Updated on 26 September, 2019, 6:45
सनातन मान्यता के अनुसार वर्ष का सातवां महीना अश्विन माह होता है। यह महीना देव और पितृ दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने से सूर्य धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं। शनि और तमस का प्रभाव बढ़ता जाता है। इस महीने में भी शुभ कार्य करने की मनाही... Read More

राशिफल

मूवी रिव्यू