नई दिल्ली । भारी उलटफेर के बीच शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह वृहद आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों तथा वैश्विक रुख से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘घरेलू बाजार वैश्विक बाजारों से दिशा लेता रहेगा। कोविड-19 के मामलों में कमी तथा टीकाकरण की दिशा में प्रगति से बाजार में उम्मीद का संचार होगा।' उन्होंने कहा कि इस सप्ताह सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े आने हैं जिससे कारोबारी धारणा प्रभावित होगी।  सैमको सिक्योरिटीज की इक्विटी शोध प्रमुख निराली शाह ने कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों के सीजन की शुरुआत हो रही है। ऐसे में इस सप्ताह सभी की निगाह लार्ज और मिडकैप आईटी कंपनियों पर रहेगी।'' सबसे पहले गुरुवार को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का तिमाही परिणाम आएगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, "तिमाही नतीजों के मोर्चे पर किसी तरह की निराशा से कुल सकारात्मक धारणा प्रभावित हो सकती है। हालांकि, अर्थव्यवस्था के खुलने तथा टीकाकरण की रफ्तार बढ़ने से हमें उम्मीद है कि तिमाही नतीजे बेहतर रहेंगे।'' इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपए का उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतें तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश का रुख भी बाजार को दिशा देंगे। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 440.37 अंक या 0.83 प्रतिशत के नुकसान में रहा।