अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान आयोग में व्यक्तिशः उपस्थित हुये
प्रतिवेदन और कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया 

म.प्र. मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेन्द्र कुमार जैन द्वारा आयोग में प्रचलित प्रकरण क्र. 8681/भोपाल/2019 में कई स्मरण पत्र देने के बावजूद प्रतिवेदन न देने के कारण अपर मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, स्वास्थ्य विभाग श्री मोहम्मद सुलेमान को 28 जनवरी 2021 को आयोग में व्यक्तिशः उपस्थित होकर जवाब (स्पष्टीकरण) देने के लिये कहा गया था। आयोग द्वारा अपर मुख्य सचिव श्री सुलेमान को कारण बताओ नोटिस एवं 5,000 रूपये का जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। 

अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग श्री सुलेमान आज (27 जनवरी 2021) अपरान्ह में आयोग में उपस्थित हुये तथा प्रतिवेदन और कारण बताओ नोटिस का जवाब (स्पष्टीकरण) प्रस्तुत किया। साथ ही आयोग को एक प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत कर आग्रह किया कि भारत सरकार की एक अत्यंत आवश्यक वीडियो कांफेसिंग है, जिसमें उनका उपस्थित रहना अनिवार्य है। अतः इस वजह से 27 जनवरी को ही प्रकरण सुनवाई हेतु लेकर उनकी उपस्थिति दर्ज कर ली जाये। आयोग द्वारा अपर मुख्य सचिव का आग्रह स्वीकार कर 27 जनवरी को ही प्रकरण को सुनवाई हेतु लिया गया। 

आयोग को दिये गये प्रतिवेदन में अपर मुख्य सचिव श्री सुलेमान ने आयोग को आश्वासन दिया है कि भविष्य में उनके विभाग द्वारा समय पर प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किये जायेंगे। साथ ही उनके द्वारा नसबंदी कार्यक्रमों में शासन की गाईडलाईन का कड़ाई से पालन किये जाने हेतु अधीनस्थ विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किये जाने का उल्लेख किया गया है, जिससे संतुष्ट होकर आयोग द्वारा प्रकरण में कार्यवाही समाप्त कर अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान के विरूद्ध जारी जमानती गिरफतारी वारंट एवं जुर्माने हेतु जारी कारण बताओ नोेटिस अदम तामील वापिस बुलाये जाने के आदेश दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि आयोग के समक्ष पांच स्मरण पत्र जारी करने के बावजूद प्रतिेवदन प्रस्तुत न करने पर आयोग द्वारा अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान के विरूद्ध जमानती गिरफतारी वारंट किया गया था। 

मालूम हो कि शिवपुरी जिला चिकित्सालय में नसबंदी कार्यक्रम के दौरान बड़ी सख्या में महिलाओं को जमीन पर एवं एक साथ सुलाने के संबंध में समाचार प्रकाशित होने पर आयोग द्वारा संज्ञान लिया जाकर अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से प्रतिवेदन मांगा गया था, परंतु पाॅच स्मरण पत्र जारी करने के बावजूद प्रतिवेदन न देने के कारण अपर मुख्य सचिव को 28 जनवरी 21 को आयोग में व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए आदेशित किया गया था। आयोग द्वारा एक अंगे्रजी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर 50 women made to lie on floor after sterilization, again (शिवपुरी में स्टरलाईजेशन के बाद 50 महिलाओं को फर्श पर लेटाया) पर संज्ञान लेकर 17 दिसम्बर 2019 को प्रमुख सचिव, मप्र शासन, स्वास्थ्य विभाग से प्रतिवेदन मांगा था। इसके बाद कई स्मरण पत्र देने के पश्चात् भी उनके द्वारा न तो प्रतिवेदन दिया गया, न ही वे आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। इस पर आयोग द्वारा अपर मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान को 28 जनवरी को आयोग के समक्ष उपस्थित होने हेतु नोटिस एवं जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।