अभद्र बयानबाजी पर आयोग सख्त:चुनाव आयोग ने मंत्री मोहन यादव पर लगाया एक दिन का बैन, मंत्री उषा ठाकुर और गिर्राज दंडोतिया को थमाया नोटिस, 48 घंटे में मांगा जवाब
 

मोहन यादव शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री हैं।

चुनाव आयोग ने एमपी के तीन मंत्रियों पर बड़ी कार्रवाई की है, चुनाव प्रचार के दो दिन पहले दिया नोटिस

चुनावी सभाओं में अभद्र भाषा के इस्तेमाल के मामले में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश के मंत्री मोहन यादव को राज्य में किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, रैलियों, रोड शो, साक्षात्कार और मीडिया में सार्वजनिक भाषण देने से रोक लगा दिया है। अब मंत्री एक दिन यानी 31 अक्टूबर यानि आज किसी चुनावी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। वहीं चुनाव आयोग ने एमपी की मंत्री उषा ठाकुर को भी नोटिस जारी किया है।

मालूम हो कि 20 अक्टूबर को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री उषा ठाकुर ने कथित तौर पर 'धर्म आधारित शिक्षा कट्टरता पनपा रही है', ऐसा बयान दिया था। उन्हें भी चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर मंत्री उषा ठाकुर से 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, मोहन यादव ने एक सभा में कहा था कि हमारे कार्यकर्ता उठा ले जाएंगे। इसके साथ ही दिमनी में मंत्री गिर्राज दंडोतिया के कमलनाथ को लेकर नोटिस दिया है। दंडोतिया ने बयान दिया था कि आइटम वाला बयान यहां दिया होता तो उनकी लाश जाती।

स्टार प्रचारक की लिस्ट से हटाए गए कमलनाथ

मध्य प्रदेश में उपचुनावों के चलते पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से दिए जा रहे बेबाक बयान अब उनके लिए मुश्किल बनते जा रहे हैं। पहले इमरती देवी को आइटम कहना और फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नौटंकी कलाकार कहना अब कमलनाथ के लिए भारी पड़ता जा रहा है। चुनाव आयोग ने पहले उन्हें नोटिस भेजा और बाद में उनकी ओर से मिले जवाब को संतोषजनक नहीं माना। अब उनका स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया गया है। हालांकि वे चुनाव में प्रचार कर सकेंगे लेकिन इसका पूरा खर्च उम्मीदवार के खाते में जुड़ेगा।