नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक दोपहर 11 बजे रेडियो के माध्यम से 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी हर महीने के अंतिम रविवार को देश की जनता के साथ रू-ब-रू होते हैं। इस दौरान वह देश के वर्तमान हालात के साथ-साथ लोगों की कई रोचक कहनियां भी साझा करते हैं।
>> उस समय, मुझे भी कारगिल जाने और हमारे जवानों की वीरता के दर्शन का सौभाग्य मिला, वो दिन, मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है।
>> भारत की वीर सेना ने जो पराक्रम दिखाया, भारत ने अपनी जो ताकत दिखाई, उसे पूरी दुनिया ने देखा था।
>> आप कल्पना कर सकते हैं, ऊचें पहाडों पर बैठा हुआ दुश्मन और नीचे से लड़ रही हमारी सेनाएँ, हमारे वीर जवान, लेकिन, जीत पहाड़ की ऊंचाई की नहीं, भारत की सेनाओं के ऊँचे हौंसले और सच्ची वीरता की हुई ।
>> पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था । भारत तब पाकिस्तान से अच्छे संबंधों के लिए प्रयासरत था।
>> आज, ‘कारगिल विजय दिवस’ है । 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था । साथियो, कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो, भारत कभी नहीं भूल सकता ।

पिछले 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी लद्दाख, कोरोना वायरस, अनलॉक समेत कई मुद्दों पर बात की थी। उन्होंने लद्दाख झड़प पर कहा था कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ दोस्ती निभाना जानता है, तो फिर जरूरी समय पर उचित जवाब देना भी जानता है। उन्होंने कहा था, 'लद्दाख में भारत की भूमि पर, आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है। हमारे वीर सैनिकों ने दिखा दिया है कि वो कभी भी मां भारती के गौरव पर आंच नहीं आने देंगे।'
'मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस पर कहा था कि भारत ने जिस तरह मुश्किल समय में दुनिया की मदद की, उसने आज शांति और विकास में भारत की भूमिका को और मजबूत किया है। दुनिया ने भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को भी महसूस किया है। अपनी संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा करने के लिए भारत की ताकत और भारत के कमिटमेंट को देखा है।