कोरोना संक्रमणकाल के बीच 31 जुलाई को बकरीद (ईद उल-अजहा) मनाई जाएगी। इस दौरान भीड़ न बढ़े, इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार की ओर से एक एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें लोगों से मस्जिद या ईदगाह की जगह घर में रहकर ही नमाज पढ़ने की अपील की गई है। इसके अलावा लोगों को बकरे की जगह प्रतीकात्मक कुर्बानी का सुझाव भी दिया गया है।

कुर्बानी के बकरे ऑनलाइन खरीदने के लिए कहा 
गाइडलाइन में कहा गया है कि मस्जिद, ईदगाह या सार्वजनिक स्थानों के बजाय इस बार घर पर ही नमाज पढ़ें। फिलहाल, सभी लाइवस्टॉक मार्केट (पशु बाजार) भी बंद रहेंगे। अगर कोई शख्स, बलिदान के लिए जानवर खरीदना चाहता है तो ऑनलाइन या फोन पर खरीदारी कर सकता है।

राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने लोगों से सरकार के नए नियम मानने के लिए कहा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि इस बार कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए बकरीद को साधारण तरीके से मनाया जाएगा। 

कंटेनमेंट इलाकों में प्रतिबंध जारी रहेंगे 
लोगों से अपील करते हुए यह भी कहा गया है- अगर संभव हो तो लोग इस बार प्रतीकात्मक बलिदान दें। सभी कंटेनमेंट इलाकों में लागू किए गए प्रतिबंध सख्ती से जारी रहेंगे। बकरीद के मौके पर भी इन इलाकों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

सीएम और डिप्टी सीएम ने बैठक के बाद लिया यह फैसला
महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बाद पहले से ही धार्मिक कार्यक्रमों और धार्मिक स्थान पर जाने पर रोक लगी है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हाल ही में बकरीद को लेकर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ बैठक की थी। इसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि इस बार का बकरीद साधारण तरीके से ही मनाई जाएगी।

राज्य में 2 लाख 92 हजार संक्रमित केस
प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। सिर्फ शुक्रवार को कोविड-19 के 8,308 केस सामने आए। जबकि 258 लोगों की मौत हुई है। अब तक प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2,92,589 हो गई है।